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Thursday, October 11, 2018

सच्चा दोस्त / TRUE FRIEND

बचपन के दो ऐसे दोस्त है जो स्कूल, कॉलेज और यहां तक कि फौज में भी साथ ही भर्ती हुए। युद्ध छिड़ गया और दोनों एक ही यूनिट में थे, एक रात उन पर हमला हुआ, और चारों तरफ गोलियां बरस रही थी।
ऐसे में धीरे से एक आवाज आई। हैरी, इधर आओ, मेरी मदद करो। हैरी ने अपने बचपन की दोस्त बिल की आवाज फौरन पहचान ली। उसने अपने कैप्टन से पूछा क्या मैं जा सकता हूँ? कैप्टन ने जवाब दिया, नहीं मैं तुम्हें जाने की इजाजत नहीं दे सकता, मेरे पास पहले से ही आदमी कम है, मैं अपने एक और आदमी को नहीं खोना चाहता। साथ ही बिल की आवाज से भी ऐसा लगता है कि वह बचेगा नही। हैरी चुप रहा। फिर वही आवाज आई, हैरी आओ, मेरी मदद करो। हैरी चुप बैठा रहा क्योंकि कैप्टन ने उसे जाने की इजाजत नहीं दी थी। वही आवाज बार-बार आई। हैरी अपने को और ज्यादा नहीं रोक सका और उसने कैप्टन से कहा, कैप्टन वह मेरे बचपन का दोस्त है, मुझे उसकी मदद के लिए जाना ही होगा। कैप्टन ने बेमन से उसे जाने की इजाजत दे दी। हैरी अंधेरे में रेंगता हुआ आगे बढ़ा और बिल को खींच कर अपने गड्ढे में ले आया। उन लोगों ने पाया कि बिल तो मर चुका था। अब कैप्टन नाराज हो गया और हैरी पर चिल्लाया, मैंने कहा था ना कि वह नहीं बचेगा, वह मर गया है और तुम भी मारे जाते, मैं अपना एक और आदमी खो बैठता, तुमने वहाँ जाकर गलती की थी। हैरी ने जवाब दिया, कैप्टन, मैंने जो किया वह ठीक था। जब मैं बिल के पास पहुँचा तो वह जिंदा था, और उसके आखिरी शब्द थे "हैरी, मुझे यक़ीन था कि तुम जरूर आओगे।"

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