दीपावली का अर्थ दीपो की पंक्ति अथवा दीपो की श्रृंखला होता है। जो कि दो शब्दो के संयोग से बना है दीप और आवली। दीपावली को दीवाली व रोशनी का पर्व आदि नामो से भी जाना जाता है दीपावली पाँच दिनों को पर्व है। जिसमे पाँच दिन
05/11/2018 पहला दिन-- धनतेरस / धनत्रयोदशी
06/11/2018 दूसरा दिन-- नरक चतुर्दशी / छोटी दीवाली
07/11/2018 तीसरा दिन-- अमावस / बड़ी दिवाली
08/11/2018 चौथा दिन-- गोवर्धन पूजा / कार्तिकशुक्ल प्रतिपदा
09/11/2018 पाँचवा दिन-- भैया दूज
है। जो की धनतेरस से शुरू होते है और भैया दूज के साथ समाप्त होते है। दीवाली को देश के साथ साथ विदेशो में भी धूम धाम के साथ मनाया जाता है। जिसका मुख्य कारण विदेशो में रहने वाले भारतीय है। दीवाली सभी धर्मो द्वारा मिलजुल कर मनाई जाती है।
1- धनतेरस - इस दिन सोना, चांदी के बर्तन, आभूषण आदि खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन कुबेर की पूजा की जाती है।
2- छोटी दीवाली - यह दिन भगवान श्री कृष्ण और नरकासुर नाम के असुर के वध से सम्बंधित है। इस दिन प्रातः काल स्नान करके जल अर्पित किया जाता है। तथा शाम को दीप दान किया जाता है।
3- बड़ी दीवाली - यह दिवाली का मुख्य दिन होता है पहले लोग धन की देवी लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करते है। इसके बाद वह पटाखे चलाते है और अपने प्रिय जानो को मिठाईया खिलाते है।
4- गोवर्धन पूजा - इस दिन लोग गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतिमा बनाते है और उसकी पूजा करते है। इसे अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी सबसे छोटी अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा इन्द्र देव के प्रकोप से की थी।
5- भैया दूज - भाई दूज का त्योहार कार्तिक मास की द्वितीया को मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाइयों के स्वस्थ तथा दीर्घायु होने की मंगल कामना करती है पौराणिक कथाओं के अनुसार यह दिन यमराज और उनकी बहन यमुना के प्यार और स्नेह से सम्बंधित है।
दीवाली कब मनाई जाती है।
दीवाली हिन्दूओ के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। इससे हर साल कार्तिक माह की अमावस्या के दिन मनाया जाता है (अक्टूबर या नवम्बर)
दीवाली क्यों मनाई जाती है।
ऐसा माना जाता है कि भगवान श्री राम अपनी पत्नी राधा और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के वनवास पूरा करके अयोध्या वापस आये थे। इसी खुशी में पूरी अयोध्या को दीपो के साथ सजाया गया और यही से दीवाली का चलन शुरु हुआ। दीवाली के साथ और भी बहुत सी पौराणिक कथाएँ भी जुड़ी हुई है। जैसे कृष्ण द्वारा नरकासुर का वध,हिरण्यकश्यप का वध आदि।
तो आप किस का wait कर रहे है। जाइये और दीवाली को धूम धाम के साथ celebrate कीजिए।
05/11/2018 पहला दिन-- धनतेरस / धनत्रयोदशी
06/11/2018 दूसरा दिन-- नरक चतुर्दशी / छोटी दीवाली
07/11/2018 तीसरा दिन-- अमावस / बड़ी दिवाली
08/11/2018 चौथा दिन-- गोवर्धन पूजा / कार्तिकशुक्ल प्रतिपदा
09/11/2018 पाँचवा दिन-- भैया दूज
है। जो की धनतेरस से शुरू होते है और भैया दूज के साथ समाप्त होते है। दीवाली को देश के साथ साथ विदेशो में भी धूम धाम के साथ मनाया जाता है। जिसका मुख्य कारण विदेशो में रहने वाले भारतीय है। दीवाली सभी धर्मो द्वारा मिलजुल कर मनाई जाती है।
1- धनतेरस - इस दिन सोना, चांदी के बर्तन, आभूषण आदि खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन कुबेर की पूजा की जाती है।
2- छोटी दीवाली - यह दिन भगवान श्री कृष्ण और नरकासुर नाम के असुर के वध से सम्बंधित है। इस दिन प्रातः काल स्नान करके जल अर्पित किया जाता है। तथा शाम को दीप दान किया जाता है।
3- बड़ी दीवाली - यह दिवाली का मुख्य दिन होता है पहले लोग धन की देवी लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करते है। इसके बाद वह पटाखे चलाते है और अपने प्रिय जानो को मिठाईया खिलाते है।
4- गोवर्धन पूजा - इस दिन लोग गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतिमा बनाते है और उसकी पूजा करते है। इसे अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी सबसे छोटी अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा इन्द्र देव के प्रकोप से की थी।
5- भैया दूज - भाई दूज का त्योहार कार्तिक मास की द्वितीया को मनाया जाता है। इस दिन बहनें भाइयों के स्वस्थ तथा दीर्घायु होने की मंगल कामना करती है पौराणिक कथाओं के अनुसार यह दिन यमराज और उनकी बहन यमुना के प्यार और स्नेह से सम्बंधित है।
दीवाली कब मनाई जाती है।
दीवाली हिन्दूओ के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। इससे हर साल कार्तिक माह की अमावस्या के दिन मनाया जाता है (अक्टूबर या नवम्बर)
दीवाली क्यों मनाई जाती है।
ऐसा माना जाता है कि भगवान श्री राम अपनी पत्नी राधा और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के वनवास पूरा करके अयोध्या वापस आये थे। इसी खुशी में पूरी अयोध्या को दीपो के साथ सजाया गया और यही से दीवाली का चलन शुरु हुआ। दीवाली के साथ और भी बहुत सी पौराणिक कथाएँ भी जुड़ी हुई है। जैसे कृष्ण द्वारा नरकासुर का वध,हिरण्यकश्यप का वध आदि।दीवाली कैसे मानते है।
इस साल दीवाली 7 nov को मनाई जाएँगी। दीवाली की तैयारी कई दिनों पहले से शुरू हो जाती है। लोग अपने घर, दफ्तर, दुकान आदि की साफ सफाई करते है और उसे दीपो, इलेक्ट्रिक लाइट, मोमबत्तियों आदि से प्रकाशित करते है। लोग दीवाली के दिन नए नए कपड़े पहनते है। और अपने परिवार, मित्रो ,पड़ोसी आदि सदस्यो को मिठाई व उपहार भेंट करते है। और साथ ही पटाखे भी फोड़े जाते है। इस दिन मुख्यतः लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।तो आप किस का wait कर रहे है। जाइये और दीवाली को धूम धाम के साथ celebrate कीजिए।

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